डीआईजी इंदौर ने फिर समझाया – जिस देश ने लॉक डाउन करने में देरी की या जिसके नागरिक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे उनकी हालत देख लो, ऐसी स्तिथि में समझाने के बाद भी कोई नहीं मानेगा तो सख्ती से निपटेंगे
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DIG Indore – Shri Harinaranchari Mishra
इंदौर। शहर में कोरोना के मामलों पर लगातार बढ़ोतरी हो रही है और जिन क्षेत्रों में सर्वाधिक संक्रमण है वहां के लोग प्रशासन को सहयोग करने की जगह उल्टा कानून तोड़ कर पथराव, बलवा और बदसलूकी पर उतर आएं हैं।
भारती न्यूज़ की टीम ने इंदौर डीआईजी श्री हरिनारायण चारि मिश्रा से बात कर वर्तमान स्तिथि में इंदौर पोलिस के द्वारा विभिन्न प्रयासों और स्तिथि को तुरंत काबू में लाने के लिए हो रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली।
इंदौर में कोरोना मरीज़ों की संख्या फिस्फोटक रूप से 70 के आंकड़े के पास पहुँच गयी है , ऐसे में सर्वाधिक संक्रमण वाले क्षेत्र खजराना और रानीपुर में पहले भी पुलिस की मौजूदगी में डॉक्टरों के साथ अभद्रता हुई और आज मल्हारगंज क्षेत्र में लोगों ने कानून तोड़ते हुए फिर से मेडिकल टीम और पुलिस पर पथराव किय और बैरिकेड तोड़ दिए , ऐसे माहौल में जहाँ पूरे शहर को को खतरा है वहां ऐसे लोगो पर क्या सख्त कार्यवाही होगी की दोबारा कानून तोड़ने की किसी की भी हिम्मत न हो ?
शहर के तकरीबन सभी क्षेत्रों से लोग पूरा सहयोग कर रहें हैं , जो लोग लगातार समझाने के बावजूद भी नियम तोड़ रहें हैं उनसे सख्ती से निपटा जाएगा , ऐसे मामलों में पूर्व में भी प्रकरण दर्ज हुए हैं और आगे भी होंगे।
लोगों को ये समझना होगा की जिन देशों ने लॉक डाउन को देरी से लागू किया या जिनके नागरिक इसका सख्ती से पालन नहीं कर रहे उनके यहाँ बीमारों की तादाद लाखों में पहुंच गई है जबकि वो देश हमसे कहीं ज़्यादा सम्पन्न हैं , उनकी मेडिकल फैसिलिटीज भी हमसे कहीं अधिक हैं , यदि हमने अभी भी इसे हलके में लिया तो सोचिये हमारी स्तिथि क्या होगी ? ज़रा सी सावधानी हमें बहुत बड़े खतरे से बचा सकती है।
शहर में सख्ती से चलते कर्फ्यू में कुछ लोग खाने और राशन के ख़त्म होने की वजह से फंस गएँ हैं , प्रशासन द्वारा दी गई हेल्प लाइन पर आसानी से बात नहीं हो पाती है , ऐसे में लोग पुलिस कण्ट्रोल रूम फोन कर रहें हैं , इन लोगों की प्रकार सहायता हो रही है और ये लोग कण्ट्रोल रूम के आलावा किन नम्बरों पर संपर्क कर सकते हैं ?
लोग हमें 104 और 181 पर कॉल कर सकतें हैं , अभी तक कई फोन कण्ट्रोल रूम में आएं हैं जिन्हे हमने हर संभव मदद की है , भोजन पहुँचाने से लेकर आवश्यक राशन तक पहुँचाया है लेकिन ऐसे समय में लोग ये न सोचे के उन्हें लेश भर भी कोई परेशानी नहीं आएगी , याद रखिये असामान्य परिस्तिथियों में असामान्य निर्णय लेने होते हैं .
ड्रोन से निगरानी शुरू हो गयी है , क्या जिन क्षेत्रों में ड्रोन तैनात किये हैं उससे पुलिस व प्रशासन को कोई विशेष मदद या इनपुट्स मिले ?
ड्रोन इत्यादि सभी चीज़ों का तकनीक के रूप में सहारा लेती है जिसका उद्देश्य सिर्फ आम नागरिक की सुरक्षा और उसके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना है , यदि ऐसे में कोई भी व्यक्ति गंभीर नहीं है तो उसे गंभीरता से समझाया जाएगा।
पूरी बातचीत में डीआईजी ने एक बार फिर से जनता को ये सन्देश दिया है की यदि अब इसे गंभीर रूप से नहीं लिए जाएगा तो स्तिथि बेहद भयानक और गंभीर होगी और कोई भी व्यक्ति ऐसी परिस्तिथियों में सहयोग नहीं करेगा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।